ससुर ने बहू को छोड़ा

नवरा बायको संभोग

नवरा बायको संभोग, राम्या और उसकी माँ सिमिरन को एरपोर्ट से पिक करती हैं और सीधे अपने घर आती हैं. राम्या सिमिरन का समान अपने कमरे में रख लेती है और उसका इंतेज़ाम उसने अपने साथ ही किया हुआ था. माँ किचन में काम करने चली जाती है और दोनो एक दूसरे के गले लग जाती हैं. उसे देखकर मेरा मुह थोड़ा सा खुल गया था लेकिन उसे मैंने जल्द ही बंद कर लिया .वो मुस्कुराती हुई मेरे पास आयी और मुझे बैठने को कहा ,जबकि वो एक चेयर में सो गई जिससे उसके सभी मूल्यवान समान मेरे सामने खुलकर आने लगे थे..

रमेश हँसत हुए ' हां बेटा इस उम्र में नींद कहाँ आती है. गर्ल फ्रेंड को याद कर रहा था क्या?' ( रमेश सोफे पे बैठते हुए बोलता है) चन्डीमल का पूरा बदन हल्का हो गया, सीमा को जब अहसास हुआ कि उसका पति झड़ गया है, तो उसने अपना हाथ उसके लण्ड से हटा लिया।

रघु ने नीलम के हाथों से उसके पेटीकोट को छुड़ाते हुए कहा- काकी जब तक तुझे नंगा करके नहीं चोद लेता.. मेरा लण्ड नहीं झड़ता.. तुम्हें तो मालूम है। नवरा बायको संभोग रजिया ने हंसते हुए कहा- अरे.. वो हमारे घर में बाबू प्यार से बच्चों को कहते हैं.. चल इधर आ जा नहीं तो ठंड लग जाएगी।

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  1. जैसे ही रमण की ज़ुबान ऋतु की चूत में घुसती है, उसके खुरदरेपन को अपनी चूत की दीवारो पे महसूस कर ऋतु अपने कामरस का बाँध खोल देती है और रमण लपलप उसे चाट ता और पीता रहता है. ऋतु का जिस्म ढीला पड़ जाता है पर रमण उसकी चूत को चाटना और चूसना बंद नही करता. थोड़ी देर में ऋतु फिर गरम होने लगती है.
  2. जैसे ही राम्या की ज़ुबान माँ की चूत को छूती है एक तरंग दोनो के जिस्म में दौड़ जाती है. राम्या आज पहली बार किसी चूत पे अपनी ज़ुबान चला रही थी वो भी अपनी माँ की और माँ पहली बार अपनी बेटी की ज़ुबान का असर अपनी चूत पे महसूस कर रही थी. किसी को चोदने की इच्छा नहीं हुई
  3. ये लड़ाई तुम्हारी थी ही नही देव तुम आखिर कर भी क्या सकते हो ,इस हालात को बनाने वालो को ही इसे भुगतना होगा ,तुम या मैं चाहकर भी कुछ नही कर सकते वो अभी भी सुबह के घटना-क्रम में खोया हुआ था और उसका 5 इंच का लण्ड उस चड्डी को ऊपर उठाए हुए तना हुआ था।
  4. नवरा बायको संभोग...ये भी शादी शुदा ही है तुम्हारी काजल की तरह देखो उसके माथे के बीच में हल्का सा लालपन दिख जाएगा जो उसके सिंदूर के कारण है,जिसे उसने अभी अभी धोया था,तुम्हारी काजल भी ऐसे ही सिंदूर को धोकर चुसेगी वो तुमसे उतना ही प्यार करती है जितना की तुम ...लेकिन देखो ना जैसे तुम अपने हवस के हाथो मजबूर हो गए वो भी हो गई...पैसा और हवस जब दोनो ही साथ मिल जाय तो रुकना बहुत ही कठिन होता है देव….
  5. विमल खड़ा सोनी के हुस्न को निहारता रहता है और अपने कपड़े उतार देता है. पॅंट और अंडरवेर तो पहले ही नीचे रह गये थे. गुंजन की कामुक सिसकारियाँ रघु के ऊपर अपना जादू सा कर रही थीं और रघु मन्त्र-मुग्ध होकर अपने होंठों को उसकी चूत की तरफ बढ़ाने लगा।

चरबी कमी करण्यासाठी उपाय

वो चारपाई से खड़ी हुई और शरमाते हुए बाहर की तरफ भाग गई। बाहर जाकर उसने अपने हाथ साफ़ किए और फिर से अन्दर आ गई, रघु अपने पजामा को ठीक करके पहन चुका था। जैसे ही बिंदिया अन्दर आई, रघु उसकी तरफ देख मुस्कुरा दिया। बिंदिया भी शरमा गई और सर झुका कर मुस्कुराने लगी।

रमेश रानी को चोद कर उसके साथ ही लेटा हुआ था, उसके दिमाग़ से रिया निकल ही गई थी. उसे ये नही पता चला कि दरवाजे की ओट में रिया खड़ी सारा खेल देख रही थी आँखों में आँसू थे और उंगलियाँ अपनी चूत पे चला रही थी. रघु आज अपनी किस्मत पर बड़ा इतरा रहा था और सच में ऐसे बहुत कम लोग होते हैं.. जो दो गठीले बदन वाली औरतों के बीच में सोते हों।

नवरा बायको संभोग,उसके चहरे में एक सांत्वना के भाव आये ,कल से मैं मेरे लिए किसी के मन में ये भाव की तलाश में था मैं टूट गया ,मैंने शाबनम को अपने गले से लगा लिया और जोरो से रोने लगा

सोनू ने पलक झपकते ही अपने लण्ड के मोटे सुपारे को जया की चूत के छेद पर लगा दिया.. जया की चूत पहले से ही कामरस से सनी हुई थी।

उसने जया के चूतड़ों को दबोच कर दोनों तरफ फैला लिया और अपनी गाण्ड को तेज़ी से आगे की तरफ धकेला। सोनू के लण्ड का सुपारा जया की चूत की दीवारों को चीरता हुआ आगे बढ़ गया, जया के मुँह से एक घुटी हुई चीख निकल गई।തമിഴ് സെക്സ് മൂവി

रमण नंगा ही बिस्तर पे लेटा हुआ था और करवटें बदल रहा था. उसकी हालत देख ऋतु के चेहरे पे मुस्कान आ जाती है. उसने ऐसे कहा जैसे किसी बंधवा मजदूर को एक दिन की छुट्टी मिल गई हो ,साला एक दिन की छुट्टी से मेरा क्या होने वाला है,ऐसे भी मैं घर में रखकर भी क्या उखाड़ लेता ..

रघु ने अपने दोनों हाथों से उसकी जाँघों के नीचे से घुटनों से पकड़ कर उसकी टाँगों को मोड़ कर ऊपर उठा दिया।

अंदर एक एक जोर की चीख सुनाई दी ये आनद के अतिरेक की चीख थी ,ठाकुर दहाड़ रहा था और उसका लिंग हवा में लहरा रहा था उसके लिंग से नीकला हुआ गढ़ा वीर्य अभी काजल के योनि के हिस्से से लेकर पेट तथा उसके स्तनों तक फैल चुका था ,थोड़ा सा वीर्य काजल के चहरे में भी चमक रहा था ,...,नवरा बायको संभोग मैं बिना किसी रोक टोक के उसके नितम्भो को सहला रहा था, वो हल्की आई आहों के साथ मुझसे और सटने की कोसिस कर रही थी,या शायद मेरे सीने से अपने वक्षो को सहला रही थी, उसकी इस हरकत से मेरे लिंग में भी एक हरकत आ गई,

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